एलआईसी की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध वरिष्ठ पत्रकार ने वापस लिया बीमा प्रस्ताव,प्रबंधन पर लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप
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बेरमो(झारखंड):भारतीय जीवन बीमा निगम की सुस्त कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। ‘रांची एक्सप्रेस’ के बिहार राज्य ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार ने बेरमो शाखा की कार्यशैली से तंग आकर अपना नया बीमा प्रस्ताव संख्या 6177 रद्द करने का निर्णय लिया है।उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक को कड़ा पत्र लिखते हुए भविष्य में एलआईसी से किसी भी प्रकार की सेवा न लेने की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला?
मुकेश कुमार एलआईसी के पुराने और निष्ठावान ग्राहक रहे हैं।उनकी पिछली पॉलिसी(संख्या: 543475543)इसी वर्ष 28 फरवरी को सफलतापूर्वक मैच्योर हुई थी।इसी भरोसे के साथ उन्होंने एमडीआरटी एजेंट श्याम सुंदर सिंह के माध्यम से एक नया प्रस्ताव दिया था।लेकिन नई पॉलिसी की प्रक्रिया के दौरान उन्हें जिस ‘रेड टैपिज्म’ और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा,उसने निगम के प्रति उनके विश्वास को झकझोर कर रख दिया।
आरोप: डॉक्टरों के चक्कर और अनावश्यक विलंब
पत्रकार मुकेश कुमार ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि:
अत्यधिक विलंब: शाखा की कार्य करने की गति इतनी धीमी है कि एक साधारण पॉलिसी के लिए काफी समय लग रहा है।
मानसिक प्रताड़ना: मेडिकल परीक्षण और स्पष्टीकरण के नाम पर बार-बार डॉक्टरों के चक्कर कटवाए गए,जो एक व्यस्त पेशेवर के लिए असहनीय है।
अविश्वास: निगम के प्रबंधन और कार्यप्रणाली ने ग्राहक का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है।
•चेयरमैन तक पहुंची शिकायत•
मुकेश कुमार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने शिकायती पत्र की प्रतिलिपि एलआईसी के चेयरमैन,निदेशक मंडल और हजारीबाग मंडल प्रबंधक को भी प्रेषित की है।उन्होंने पत्र में दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अब इस शाखा के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहते।
[“एलआईसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था की यह कार्यप्रणाली न केवल खेदजनक है,बल्कि ग्राहकों के लिए मानसिक प्रताड़ना के समान है।जब एक निष्ठावान पुराने ग्राहक के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है,तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी?”— मुकेश कुमार,ब्यूरो चीफ (रांची एक्सप्रेस)]




