Dainik india today

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Dainik India Today(दैनिक इंडिया टुडे)

झाझा थाना रिश्वतकांड,SVU की कार्रवाई के बाद खड़े हुए कई सुलगते सवाल,जांच के दायरे में शिकायतकर्ता की भी भूमिका!

1 min read


पटना/बिहार।विशेष निगरानी इकाई (SVU)द्वारा जमुई जिले के झाझा थाने के चालक सिपाही जितेंद्र कुमार को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए जाने के बाद यह मामला अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है।एक तरफ जहां पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है,वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने पर कई गंभीर और अनसुलझे सवाल भी खड़े हो रहे हैं,जो गहन जांच का विषय हैं।

•थानाध्यक्ष छुट्टी पर,तो फिर किसके नाम पर वसूली?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,झाझा के थानाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह विगत मंगलवार से ही अवकाश पर चल रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब थानाध्यक्ष ड्यूटी पर मौजूद ही नहीं थे,तो उनके नाम पर वसूली का यह खेल कैसे और किसके इशारे पर चल रहा था?क्या चालक सिपाही स्वतंत्र रूप से अपनी जेब भरने के लिए थानाध्यक्ष के नाम का इस्तेमाल कर रहा था,या फिर इसके पीछे की साजिश की जड़ें और गहरी हैं?हालांकि,SVU के आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार,आरोपी चालक ने सत्यापन के दौरान यह दावा किया था कि यह पैसा थानाध्यक्ष को ही देना है लेकिन थानाध्यक्ष की अनुपस्थिति इस थ्योरी पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।

•जांच के घेरे में शिकायतकर्ता
• ‘बालू ढुलाई’ या कृषि कार्य?

इस पूरे मामले का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण पहलू शिकायतकर्ता-उमेश यादव(निवासी:-चितोचक,झाझा)से जुड़ा है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बालू से भरे ट्रैक्टरों के परिचालन के लिए ‘मासिक नजराने’ (दस्तावेज़ के अनुसार प्रति गाड़ी 3,000 रुपये प्रतिदिन)की मांग की गई थी।अब यहां पर एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक जांच की जरूरत महसूस हो रही है।

•व्यावसायिक बनाम कृषि ट्रैक्टर

सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिकायतकर्ता उमेश यादव के पास कुल कितने ट्रैक्टर है और क्या वे व्यावसायिक रूप से बालू की ढुलाई के लिए वैध रूप से निबंधित हैं?

•वैधता पर सवाल

यदि शिकायतकर्ता के ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए निबंधित हैं और उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से बालू की अवैध ढुलाई के लिए किया जा रहा था,तो फिर उनकी यह शिकायत किस हद तक जायज और नैतिक मानी जाएगी?

•क्या अवैध धंधे को बचाने का था प्रयास?

कानूनन कृषि ट्रैक्टरों पर व्यावसायिक सामान या बालू लोड करना टैक्स चोरी और नियमों का उल्लंघन है।यदि ट्रैक्टरों का परिचालन ही अवैध था,तो क्या पुलिस पर दबाव बनाने या अपनी अवैध ढुलाई को संरक्षण देने के लिए यह जाल बुना गया?

•SVU की प्राथमिकी और आगे की कार्रवाई

आपको बता दें कि SVU ने इस मामले में थाना कांड संख्या-20/2026,दिनांक 02.06.2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस उपाधीक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चालक सिपाही को दुर्गा चौक के पास से 12,000 रुपये के साथ दबोचा गया था।

•बड़ा सवाल

रिश्वत लेना निश्चित रूप से एक गंभीर अपराध है और SVU ने इस पर त्वरित कार्रवाई की है।लेकिन न्याय का तकाजा यह भी कहता है कि सिक्के के दूसरे पहलू की भी उतनी ही मुस्तैदी से जांच हो।पुलिस महकमे को अब यह भी साफ करना होगा कि शिकायतकर्ता के ट्रैक्टरों के परिचालन का कानूनी दर्जा क्या था,ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

Translate »
नमस्कार,दैनिक इंडिया टुडे में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 8987356495 हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद