बिहार राज्यसभा चुनाव:उपेंद्र कुशवाहा बने NDA के चौथे उम्मीदवार,अब 5वीं सीट के लिए फंसा पेंच
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पटना (बिहार ब्यूरो)।बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले घमासान की तस्वीर अब साफ होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी(BJP)के बाद अब राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं।तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया है।कुशवाहा आगामी 5 मार्च को एनडीए उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
•5 मार्च को शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन•
आरएलएम के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के साथ लंबी चर्चा के बाद उपेंद्र कुशवाहा के नाम पर सहमति बनी है। 5 मार्च को बिहार विधानसभा में होने वाले इस नामांकन के दौरान एनडीए के सभी घटक दलों के बड़े नेता एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएंगे।
•वोटिंग की बढ़ी संभावना•
[शिवेश राम की सीट पर टिकी नजरें]
उपेंद्र कुशवाहा के मैदान में उतरने से अब चुनावी गणित दिलचस्प हो गया है। एनडीए की ओर से उम्मीदवारों का क्रम कुछ इस प्रकार नजर आ रहा है:
1.नितिन नबीन (भाजपा)
2.जेडीयू उम्मीदवार – 1 (घोषणा शेष)
3.जेडीयू उम्मीदवार – 2 (घोषणा शेष)
4.उपेंद्र कुशवाहा (RLM)
5.शिवेश राम (भाजपा)
भाजपा विधायक संजय सरावगी के अनुसार,कुशवाहा चौथे और शिवेश राम पांचवें उम्मीदवार के रूप में नामांकन करेंगे। यदि महागठबंधन भी अपना प्रत्याशी उतारता है,तो पांचवीं सीट के लिए 16 मार्च को मतदान होना तय है।
[“उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर राजनीतिक बिसात बिछाने में कामयाब रहे।लोकसभा चुनाव में सीट पाने और बेटे को मंत्री बनाने के बाद अब खुद राज्यसभा जा रहे हैं।हालांकि,इस फैसले से ‘हम’ और चिराग पासवान की पार्टी में सुगबुगाहट तेज हो सकती है।”
— डॉ.संजय कुमार,राजनीतिक विश्लेषक]
•जीत का गणित: किसके पास कितने वोट?•
बिहार में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।वर्तमान समीकरणों पर एक नजर:
•गठबंधन विधायक संख्या सुरक्षित सीटें•
NDA 202 4 सीटें (तय)
•महाबंधन 35 संघर्ष जारी•
•5वीं सीट का पेच•
एनडीए को पांचवीं सीट सुरक्षित करने के लिए 3 अतिरिक्त वोटों की दरकार है।वहीं,5 विधायकों वाली AIMIM और 1 विधायक वाली BSP इस खेल में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं।ओवैसी की पार्टी पहले ही अपना उम्मीदवार उतारने का संकेत दे चुकी है,जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।

