ईरान की सैन्य शक्ति ‘शून्य’,अब बातचीत के लिए बहुत देर हो चुकी:डोनाल्ड ट्रंप
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विशेष संवाददाता
वॉशिंगटन/तेहरान।ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के चौथे दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब न तो वायु सेना बची है,न नौसेना और न ही प्रभावी नेतृत्व। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि अब समझौते का समय निकल चुका है।
”सजा भुगत रहा है ईरान”
युद्ध के मैदान से आ रही मिसाइलों की गूँज के बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा,”ईरान के पास अब एयर डिफेंस से लेकर लीडरशिप तक कुछ नहीं बचा।अब वे बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन मैंने कह दिया है—बहुत देर हो चुकी है!” सोमवार को अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को बार-बार समझाया गया था,लेकिन उसने बात नहीं मानी। उन्होंने युद्ध की समयसीमा तय करते हुए कहा कि यह जंग 4 हफ्ते चलेगी और अमेरिका इस ‘खतरे’ को पूरी तरह खत्म कर देगा।
ईरान का रुख: ‘सम्मान के साथ वार्ता को तैयार’
दूसरी ओर,ईरान के नेतृत्व ने अमेरिका के इन दावों को खारिज करते हुए शांति की गुंजाइश बनाए रखने की बात कही है।स्वर्गीय सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खमेनई के प्रतिनिधि डॉ.अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा:
”ईरान सम्मान के साथ बातचीत के लिए तैयार है,लेकिन यह दबाव मुक्त ढांचे में होनी चाहिए।शांति का लक्ष्य संवाद होना चाहिए, शर्तें थोपना नहीं।”
विदेश मंत्रालय के कड़े सवाल
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बगाएई ने अमेरिकी दावों को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया।उन्होंने पेंटागन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा कि ईरान अमेरिका के लिए खतरा कैसे हो सकता है?
बगाएई के प्रमुख तर्क:
- क्या ईरान ने अमेरिकी तटों पर सैनिक भेजे हैं?
- क्या हमने व्हाइट हाउस पर मिसाइलें दागी हैं?
- क्या यह ईरान की गलती है कि उसके चारों ओर सैकड़ों अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं?
बगाएई ने मार्को रूबियो जैसे अमेरिकी नेताओं पर इजराइल के पक्ष में काम करने और ईरान की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया है।फिलहाल,दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है और युद्ध रुकने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

