कभी नक्सलियों के डर से अरवल-जहानाबाद में पांच बजे के बाद ठहरने से डरते थे तात्कालीन सीएम,एनडीए शासन में लाल सलाम का हुआ अंत-सम्राट चौधरी,गृह मंत्री
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•समृद्धि यात्रा के दौरान जहानाबाद और अरवल पहुंचे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
• 2005 से पहले नक्सल भय और बदहाल सड़कों से लोग परेशान,अब बदली तस्वीर
•6 हजार किमी से बढ़कर 1.40 लाख किमी सड़क, 24 घंटे बिजली आपूर्ति
•चमचमाती,फोरलेन-सिक्सलेन सड़कों के साथ एक्सप्रेस-वे का तेजी से विस्तार
•अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी-रोजगार सृजन का लक्ष्य
पटना/जहानाबाद/अरवल ब्यूरो।बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले जहानाबाद और अरवल में नक्सलियों का खौफ इतना था कि शाम के पांच बजे के बाद यहां तात्कालीन मुख्यमंत्री भी ठहरने से डरते थे।लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए शासन में लाल सलाम का पूरी तरह अंत कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने न्याय यात्रा,प्रवास यात्रा,विकास यात्रा, प्रगति यात्रा और अब समृद्धि यात्रा के माध्यम से बिहार के विकास की मजबूत नींव रखी है।समृद्धि यात्रा के दौरान जहानाबाद और अरवल पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने जहानाबाद के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पहले पटना से जहानाबाद पहुंचने में घंटों लगते थे, जबकि आज यह दूरी महज 40 मिनट में तय की जा रही है। अब लोग रात में भी बेफिक्र होकर यहां घूमते हैं।उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव था।स्वास्थ्य,शिक्षा,बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं।उस समय सड़कों की स्थिति इतनी खराब थी कि कहा जाता था कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।उस दौर में राज्य में केवल 6 हजार किलोमीटर सड़कें थीं,जो अब बढ़कर करीब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो गई हैं।सम्राट चौधरी ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है।पहले जहां राज्य में केवल 17 लाख उपभोक्ता थे,आज यह संख्या बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख हो गई है।राज्य में 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे करीब 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आ रहा है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार का बजट लगभग 23 हजार करोड़ रुपये था,जो अब बढ़कर करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है।सरकार बिजली सब्सिडी के रूप में ही 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए साइकिल,पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं चलाई गई। पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।उन्होंने बताया कि राज्य के हर प्रखंड में हाईस्कूल खोलने के बाद अब सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।जहां पहले केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे,अब सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है। आज जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं 1 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से पलायन रोकने के लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।पिछले पांच वर्षों में 50 लाख से अधिक लोगों को नौकरी और रोजगार दिया गया है और अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है।उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में अब कोई मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाएगा।वहीं अरवल के बेलखरा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि 2005 से पहले अरवल में आने से लोग डरते थे और नक्सलियों का भय हर समय बना रहता था।उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर बिहार को सुरक्षित बनाया है।उन्होंने बताया कि अरवल से गुजरने वाली पटना से औरंगाबाद फोरलेन सड़क पर काम शुरू हो गया है।उन्होंने कहा कि मगध की धरती सम्राट अशोक,पंडित चाणक्य और भगवान जरासंध की रही है,जिसने भारत को गौरव दिलाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब इतिहास लिखा जाएगा तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास और सामाजिक न्याय के कार्यों को स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।श्री चौधरी ने जहानाबाद और अरवल में एकबार फिर दोहराया कि बिहार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे बढ़ता रहेगा।




